विनती – एक छोटी सी हास्य कविता रमा तिवारी की

मोहन पेपर देकर आया,

मंदिर में जाकर विनती की:

हे भगवान, बना पेरिस को

शीघ्र राजधानी इटली की

 

सुनी विचित्र प्रार्थना उसकी

जिस जिस ने, उससे यह पूछा

बेटा, ईश्वर से विनती कर

मांग रहे हो तुम यह सब क्या?

 

वह बोला भूगोल विषय का

पेपर हूं मैं देकर आया

उस में यही लिखा है मैंने

पर लोगों ने गलत बताया

 

साभार: रमा तिवारी


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