शिक्षा और कैरियर

दुनिया के 10 खतरनाक अपराधी, टॉप अमीरों से भी ज्‍यादा कमाई दौलत

Mostly rich people are businessmen, but here we tell you the richest people who made their worth by crime.

दुनिया के विभिन्न देशों के मजाकिया तथ्य जो आपने सुने न होंगे

Interesting and unseen funny facts of different countries of world.

क्या आप जानते हैं? भारत में चली पहली रेलगाड़ी में किस भारतीय ने यात्रा की थी?

हालाँकि सन 1858 से पहले कई भारतियों ने अपनी इंग्लैंड यात्रा के समय रेलयात्रा की होगी, जैसे कि राजा राममोहन राय सन 1930 में इंग्लैंड गये थे मगर यहाँ हम बात कर रहें है कि भारत में रेल में बैठने वाले पहले भारतीय कौन थे।

क्या ब्रह्माण्ड का केंद्र पृथ्वी पर है? यहां से कोई आवाज बाहर नहीं जाती

ब्रह्माण्ड का केंद्र, जैसा कि लोग कहते हैं, डाउनटाउन तुल्सा, ओक्लाहोमा,अमेरिका में एक छोटी सी  कंक्रीट की वृत्ताकार जगह है जिसके चारो तरफ ईंटें बिछी हैं. वैसे तो इस जगह पर देखने लायक कुछ भी नहीं है, लेकिन हमें वहाँ देखने की जरूरत भी नहीं है.

तांबे और पीतल के बर्तन क्यों पड़ते हैं काले?

Drinking water in copper jug is very useful for health but copper and brass turns black/green. Know why.

कार्दाशेव स्केल के अनुसार ब्रह्माण्ड में हम किस लेवल की विकसित सभ्यता पर हैं?

अगर हम मानव विकास के क्रम को छोड़ सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में विकास की बात करें तो….. तो इसके लिए हमारे वैज्ञानिकों ने बहुत सारी रिसर्च की. इसमें से एक रिसर्च है वैज्ञानिक कार्दाशेव की. इन्होने सभ्यता को मापने के लिए एक पैमाना तैयार किया है, आइये जानते हैं कार्दाशेव और उनकी थ्योरी के बारे में.

तुरंत इन 42 चीनी ऐप्स को फोन से डिलीट करें क्यूंकि ये हैं सरकार की ‘खतरनाक एप्स’ की लिस्ट में

पिछले कुछ महीनों में भारतीय सेना ने अपने जवानों द्वारा इंस्टेंट मेसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल को लेकर एक और एडवाइज़री

दुनिया के महान धनुर्धर एकलव्य को किसने मारा और क्यों?

एकलव्य की कहानी बेहद मार्मिक है, महाभारत की कहानी में जिन्हें सदाचारी और हमेशा धर्म की राह पर चलने वाला दिखाया गया है, दरअसल एकलव्य के जीवन में वही लोग सबसे अधिक क्रूर साबित हुए।

देखिये कीट – पतंगों की अजब-गजब दुनिया, प्रकृति आपको कैसे मूर्ख बनाती है?

इस बार हम लाये हैं आपको मूर्ख बनाने वाले जीव जंतु. इन जीव जंतुओं को देखकर आप खुद अचंभित हो जाएंगे की ये किस प्रकार आपको उल्लू बनाने की ताकत रखते हैं.

स्वतंत्र भारत में लोकतांत्रिक मूल्य, सरकार और कॉर्पोरेट का मीडिया पर प्रभाव और आम जनता

यह नहीं भूलना चाहिए की लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाकर रखने की जिम्मेदारी केवल मीडिया की ही नहीं बल्कि उस समाज की भी है जो उस देश का नागरिक है.