कवितायें

हिंदी कविता – दो पत्तों की कहानी

दो पत्तों की है मर्म कथा

जो एक डाल से बिछड़ गए |

विपरीत दिशाओं में जाकर

जाने कैसे वे भटक गए |

थे तड़प रहे, सूखें न कहीं |

यहाँ मैं अजनबी हूँ

किससे करूँ शिकवा शिकायत ,

किससे करूँ यारी दोस्ती ,

किससे करूँ नफरत दुश्मनी ,

यहाँ मैं अजनबी हूँ .

मैं अभी रास्ते में हूँ

मंजिलों के हाल न पूंछो,
अभी तो रास्ते में हूँ .
मंजिलें हैं अभी बहुत दूर ,
अभी तो वक्त लगेगा .

पहला प्यार – एक छोटी सी कविता

पहला प्यार होता है ,
ईश्वर का दिया हुआ मौका ,
तन मन की बहार की,
निर्मल वयार का सुगन्धित झोंका

बस नहीं अपना

इक खुशनुमा लम्हा आकर गुजर गया
क्या हुआ कुछ दूर साथ चले ,
क्या हुआ चलकर विछड़ गए ।
सोचो एक खूबसूरत मोड़ न दे सके
वरना याद आते उम्र भर

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