सामाजिक

Rakshabandhan Festival History, How to Celebrate and Rakhi Gifts for Sisters

RakshaBandhan (Rakhi) – Indian Festival of Brothers and Sisters: Rakshabandhan or Rakhi as the name suggests It is a festival

रोजगार, बुलेट ट्रेन और डिजिटल क्रान्ति के दौर में भूख से 3 बच्चियों की मौत, जवाब कौन देगा?

इतना भयावह और दर्दनाक और क्या हो सकता है की उनके घर पर पिछले कई दिनों से चूल्हा जलता नहीं देखा गया. छोटे छोटे बच्चे और घर में अन्न का दाना नहीं. बाप रोजगार की तलाश में पता नहीं कहाँ गया है, शायद उसे तो पता ही नहीं होगा की उसकी तीनों परियां अब इस दुनिया में नहीं हैं.

न खाने को खाना, न करने को काम, तो भीख मांगना अपराध कैसे: हाई कोर्ट

दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि देश में अगर सरकार भोजन

अब चार धाम यात्रा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन उत्तराखंड टूरिज़्म के मोबाइल एप्प पर उपलब्ध है

हिन्दू धर्म में चार धाम यात्रा का बहुत ही महत्त्व है यही कारण है चार धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है. भारी भीड़ के कारण रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लम्बी लम्बी कतारें लग जाती है और काफी समय यात्रा रजिस्ट्रेशन कराने में ही खर्च हो जाता है.

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इस बस स्टैंड पर बस का इन्तजार करने का है अपना एक अलग मजा

बस का इन्तजार करना भला किसे अच्छा लगता है, लेकिन यहां पर लोग मजे लेकर बस का इन्तजार करते हैं.

दुनिया के महान धनुर्धर एकलव्य को किसने मारा और क्यों?

एकलव्य की कहानी बेहद मार्मिक है, महाभारत की कहानी में जिन्हें सदाचारी और हमेशा धर्म की राह पर चलने वाला दिखाया गया है, दरअसल एकलव्य के जीवन में वही लोग सबसे अधिक क्रूर साबित हुए।

स्वतंत्र भारत में लोकतांत्रिक मूल्य, सरकार और कॉर्पोरेट का मीडिया पर प्रभाव और आम जनता

यह नहीं भूलना चाहिए की लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाकर रखने की जिम्मेदारी केवल मीडिया की ही नहीं बल्कि उस समाज की भी है जो उस देश का नागरिक है.

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जैसा बोओगे वैसा ही काटोगे – एक प्रेरणादायक कहानी

आप लोगों में से कई ने “नमक का दरोगा” नाम की कहानी तो पढ़ी होगी. जिसमे ईमानदारी और किसी भी तरह की रिश्वत स्वीकार न करने के बावजूद नौकरी से हाथ धोना पड़ता है. लेकिन ईमानदारी का फल अंत में मीठा ही मिला.