सामाजिक

अब चार धाम यात्रा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन उत्तराखंड टूरिज़्म के मोबाइल एप्प पर उपलब्ध है

हिन्दू धर्म में चार धाम यात्रा का बहुत ही महत्त्व है यही कारण है चार धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है. भारी भीड़ के कारण रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लम्बी लम्बी कतारें लग जाती है और काफी समय यात्रा रजिस्ट्रेशन कराने में ही खर्च हो जाता है.

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इस बस स्टैंड पर बस का इन्तजार करने का है अपना एक अलग मजा

बस का इन्तजार करना भला किसे अच्छा लगता है, लेकिन यहां पर लोग मजे लेकर बस का इन्तजार करते हैं.

दुनिया के महान धनुर्धर एकलव्य को किसने मारा और क्यों?

एकलव्य की कहानी बेहद मार्मिक है, महाभारत की कहानी में जिन्हें सदाचारी और हमेशा धर्म की राह पर चलने वाला दिखाया गया है, दरअसल एकलव्य के जीवन में वही लोग सबसे अधिक क्रूर साबित हुए।

स्वतंत्र भारत में लोकतांत्रिक मूल्य, सरकार और कॉर्पोरेट का मीडिया पर प्रभाव और आम जनता

यह नहीं भूलना चाहिए की लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाकर रखने की जिम्मेदारी केवल मीडिया की ही नहीं बल्कि उस समाज की भी है जो उस देश का नागरिक है.

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जैसा बोओगे वैसा ही काटोगे – एक प्रेरणादायक कहानी

आप लोगों में से कई ने “नमक का दरोगा” नाम की कहानी तो पढ़ी होगी. जिसमे ईमानदारी और किसी भी तरह की रिश्वत स्वीकार न करने के बावजूद नौकरी से हाथ धोना पड़ता है. लेकिन ईमानदारी का फल अंत में मीठा ही मिला.

वरुण प्रुथी का रक्षा बंधन पर दिल को छू लेने वाला विडियो

वरुण प्रुथी के द्वारा फिल्माया गया ये विडियो एक सत्य घटना पर आधारित है जो एक ऐसे ही भाई की कहानी दिखता है। जिसने दूसरे की बहन को बचाने के लिए अपनी जान दे दी।

श्री कृष्ण और कर्ण संवाद – जीवन का सार

कर्ण को हमेशा ही दुर्योधन के समर्थक के रूप में देखा गया, लेकिन अगर इसे मित्रता के रूप में देखें तो हमेशा ही कर्ण सबसे आगे दिखाई देता है. कर्ण को जब सबने दुत्कार दिया, चाहे वो कर्ण की माँ कुंती हो या गुरु द्रोणाचार्य हों, तब दुर्योधन ने मित्रता निभाई.

क्या जानते हैं आप कानपुर का धार्मिक इतिहास

वैदिक, पौराणिक और धार्मिक आस्था तथा ऐतिहासिकता को समेटे कानपूर आर्य सभ्यता का प्राचीन केंद्र रहा है. कानपूर के इस भू-भाग में पौराणिक काल के बहुत से ऋषि मुनियों का प्रवास और जन्म स्थान की मान्यता भी है.