Wednesday, July 26, 2017
Home हिंदी साहित्य

हिंदी साहित्य

Hindi Poem - Yahan Main Ajnabi Hoon by Surendra

यहाँ मैं अजनबी हूँ

किससे करूँ शिकवा शिकायत , किससे करूँ यारी दोस्ती , किससे करूँ नफरत दुश्मनी , यहाँ मैं अजनबी हूँ .
Hindi Poem - Main Abhi Raste Me Hoon by Surendra

मैं अभी रास्ते में हूँ

मंजिलों के हाल न पूंछो, अभी तो रास्ते में हूँ . मंजिलें हैं अभी बहुत दूर , अभी तो वक्त लगेगा .
Hindi Poem - First Love by Surendra

पहला प्यार – एक छोटी सी कविता

पहला प्यार होता है , ईश्वर का दिया हुआ मौका , तन मन की बहार की, निर्मल वयार का सुगन्धित झोंका
Hindi Poem - Bas Nahin Apna by Surendra

बस नहीं अपना

इक खुशनुमा लम्हा आकर गुजर गया क्या हुआ कुछ दूर साथ चले , क्या हुआ चलकर विछड़ गए । सोचो एक खूबसूरत मोड़ न दे सके वरना याद आते उम्र भर