Breaking News

खबरें और राजनीति

देखिये कीट – पतंगों की अजब-गजब दुनिया, प्रकृति आपको कैसे मूर्ख बनाती है?

इस बार हम लाये हैं आपको मूर्ख बनाने वाले जीव जंतु. इन जीव जंतुओं को देखकर आप खुद अचंभित हो जाएंगे की ये किस प्रकार आपको उल्लू बनाने की ताकत रखते हैं.

स्वतंत्र भारत में लोकतांत्रिक मूल्य, सरकार और कॉर्पोरेट का मीडिया पर प्रभाव और आम जनता

यह नहीं भूलना चाहिए की लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाकर रखने की जिम्मेदारी केवल मीडिया की ही नहीं बल्कि उस समाज की भी है जो उस देश का नागरिक है.

Catch – 22, एक असंभव लेकिन मजाकिया परिस्थिति

क्या आपने Catch 22 नियम के बारे में सुना है? अगर नहीं तो आइये जानते हैं Catch 22 नियम के बारे में.
एक ऐसी परिस्थिति जिसका कोई हल नहीं निकलता. इसके नियम इस तरह विरोधाभाषी होते हैं की उनका हल असंभव होता है.

दिवाली की शुभकामनाएं और फोटो यहां से फ्री डाऊनलोड करें

दिवाली की शुभकामनाएं और फोटो यहां से फ्री डाऊनलोड करें – 2

रेप के दोषी राम रहीम – अंधभक्तों का धार्मिक उन्माद, हिंसा और मौतें, सरकारी सम्पत्तियों का नुकसान

पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत के डेरा चीफ राम रहीम को रेप का दोषी करार देने के बाद उनके समर्थक हिंसा पर उतर आए हैं। पंचकूला हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है और 250 लोग घायल हुए हैं। दिल्ली के सभी जिलों और पश्चिमी यूपी के 5 जिलों में धारा 144 लगा दिया गया है।

पेड़ों से ढकी यह इमारत बनने से पहले ही आकर्षण का केंद्र बनी हुई है

ज्यादातर बनी हुई इमारतें ही लोगो के आकर्षण का केंद्र होती हैं, लेकिन यह अनोखी इमारत बनते हुए भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. यह इमारत चीन के शंघाई शहर में बन रही है और इसकी अनोखी वास्तुकला की वजह से हजारों लोग इसको देखने आ रहे हैं.

जैसा बोओगे वैसा ही काटोगे – एक प्रेरणादायक कहानी

आप लोगों में से कई ने “नमक का दरोगा” नाम की कहानी तो पढ़ी होगी. जिसमे ईमानदारी और किसी भी तरह की रिश्वत स्वीकार न करने के बावजूद नौकरी से हाथ धोना पड़ता है. लेकिन ईमानदारी का फल अंत में मीठा ही मिला.

वरुण प्रुथी का रक्षा बंधन पर दिल को छू लेने वाला विडियो

वरुण प्रुथी के द्वारा फिल्माया गया ये विडियो एक सत्य घटना पर आधारित है जो एक ऐसे ही भाई की कहानी दिखता है। जिसने दूसरे की बहन को बचाने के लिए अपनी जान दे दी।

क्या आप प्लास्टिक के नकली चावल खा रहे हैं? इन पांच तरीकों से पता लगाएं

अब आप सब ही सोचिये कि यह प्लास्टिक का चावल खाने वालों का क्या हाल होगा. इन नकली चावलों को असली चावलों के साथ मिलाकर, असली चावल की कीमत पर बेंचा जाता है. अब सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि इन नकली प्लास्टिक के चावल को कैसे पहचाना जाए.

अंग्रेजों से आज़ाद भारत तक निर्माण कार्य

जो इमारतें या पुल मैंने बनते हुए नहीं देखे हैं (अंग्रेजों के जमाने के ) वो अपनी उम्र गुजरने के सालो बाद भी सीना ताने खड़े हैं और हमारी नयी तकनीकों और उच्च निर्माण सामग्री को मुंह चिढ़ा रहे हैं.