सामाजिक

हमारे देश में हुनर की कमी नहीं है, बस सरकारें सहयोग नहीं करती हैं

हुनर की बात करें तो क्या हमारे देश में हुनर की कमी है? हम ओलम्पिक जैसी प्रतियोगिताओं में क्यों पदक के लिए पलकें बिछाये रहते हैं?

भारत का एक ऐसा गाँव जहां लड़की के जन्म पर 111 पौधे लगाए जाते हैं

भारत एक ऐसा देश है जहां पर पुत्र प्राप्ति के लोग न जाने क्या क्या करते हैं और पुत्री को बोझ की तरह देखते हैं, वहीं राजस्थान के पिपलांत्री नामक गाँव में पुत्री जन्म को एक उत्सव की तरह मनाते हैं और उसे यादगार बनाने के लिए 111 फलदार वृक्षों का रोपण करते हैं.

विकास किसका, देश या सांप्रदायिकता का? गन्दी राजनीति के उदाहरण

देश के 1947 में विभाजन पर भड़के दंगों ने कई लाख लोगों के घरों का उजाड़ दिया। लोगों ने इसे अपनी नीयती मानकर मन को समझा लिया क्योंकि देश भारत-पाकिस्तान के रूप में बंट गया था। फिर से आपसी भाइचारे की नींव डलने लगी थी, देश विकास की ओर अग्रसर होने को तैयार था, लेकिन कहते हैं न कि जख्म कभी न कभी तो हरे हो ही जाते हैं, बस उनको कुरेदने वाले शख्स चाहिए।

विकसित भारत की एक तस्वीर – फटे कपडे, हाथ में पट्टी और जमीन पर खाना – पालमती देवी

रांची, मरीज पालमती देवी, हाथों में पट्टी बंधी हुई, बिना प्लेट के फर्श पर खाना खाती हुई, क्या दोष है? गरीबी या नीची जाति या फिर संवेदनहीनता? लेकिन क्या यही विकास है?

राधा कृष्ण की धरती के बारे में कुछ अनजानी बातें – गोवर्धन परिक्रमा

गोवर्धन पर्वत का हिन्दू धर्म में बहुत ही अधिक महत्त्व है. इसकी परिक्रमा करने से सभी मुरादें पूरी हो जाती हैं. 21 किलोमीटर की गोवर्धन परिक्रमा को लोग नंगे पाँव पूरा करते हैं तो कुछ लोग लोट – लोट कर इसकी परिक्रमा लगाते हैं. यहां परिक्रमा लगाने का कोई नियत समय नहीं है. लोग साल के 365 दिन यहां परिक्रमा लगाते हैं लेकिन हर महीने की पूर्णमासी को यहाँ बेशुमार भीड़ होती है.

पदक के ख्वाब मत देखो, हमें पदक नहीं चाहिए – हमें रोजी-रोटी में उलझाये रखो

सड़क के किनारे खेल दिखाने वाले, ट्रेन में जिम्नास्ट की कलाकारी करते छोटे छोटे बच्चे, सोचने पर मजबूर कर देते हैं, क्या 130 करोड़ के भारत में प्रतिभाओं की कमी है…

दुनिया की सबसे खूबसूरत इमारत, इसे नहीं देखा तो कुछ नहीं देखा: नासिर अल मुल्क मस्जिद

‘नासिर अल-मुल्क’ मस्जिद, जो बाहर से एक साधारण मस्जिद की तरह ही दिखाई देती है, लेकिन जब उगते सूरज की किरणें इस मस्जिद पर पड़ती हैं तो इसकी खूबसूरती में चार चाँद लग जाते हैं . इसकी खूबसूरती को देखने के लिए दुनिया भर के पर्यटक खिंचे चले आते हैं.

एक दूकान जिस पर ग्राहकों की भीड़ लगी है फिर भी दूकान घाटे में, क्या ये संभव है?

सीधे शब्दों में , क्या वो दूकान घाटे में जा सकती है जिस पर ग्राहकों की भारी भीड़ लगी है. लोग सामान ख़रीदने के लिए लाइन में लगे हैं. जिन्हें सामान नहीं मिल रहा है वो अगले दिन आ रहे हैं लेकिन सामान उपलब्ध नहीं है.

कैराना कांड पर कुछ लाइने

चलो चले कुछ राजनीति कर आएं,

2017 आ गया है, चलो अपनी सरकार बनाये,

न हिन्दू लड़ें, न मुस्लिम लड़ें, चलो इन हिन्दू मुस्लिमों को लड़ायें,

टीना डाबी: सिविल सेवा टॉपर – क्या वास्तव में वो अयोग्य है?

अब बात करते हैं टीना डॉबी और अंकित की जिनका मेसेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है की अंकित के ज्यादा नंबर होते हुए भी वो फेल हो गया और टीना के काम नंबर होते हुए भी वो आरक्षण के सहारे पास हो गयी.