सामाजिक

क्या जानते हैं आप कानपुर का धार्मिक इतिहास

वैदिक, पौराणिक और धार्मिक आस्था तथा ऐतिहासिकता को समेटे कानपूर आर्य सभ्यता का प्राचीन केंद्र रहा है. कानपूर के इस भू-भाग में पौराणिक काल के बहुत से ऋषि मुनियों का प्रवास और जन्म स्थान की मान्यता भी है.

हिंदी कविता – भविष्य की कल्पना

दाने गिनकर दाल मिलेगी,
गेंहूं की बस छाल मिलेगी.
आने वाली पीढ़ी को.

हिंदी कविता – जलते दिए – शहीदों के लिए

हम शहीदों की राहों के जलते दिए,
हमको आंधी भला क्या बुझा पाएगी.

अयोध्या: सरयू तट पर बहुत कुछ है देखने को

इक्ष्वाकु सूर्यवंशी राजाओं की राजधानी के रूप में प्रसिद्ध अयोध्या का प्राचीन नाम कौशल था. रामायण(Ramayan) में मनु द्वारा स्थापित अयोध्या में श्री राम(Shri Ram) सर्वाधिक प्रसिद्ध राजा हुए, जो भगवान् विष्णु (Lord Vishnu) के अवतार माने जाते हैं.

बच्चे जिन्हें जंगली जानवरों ने पाला-पोसा

हकीकत में मोगली जैसे इंसान हुए हैं जिन्हें जंगली जानवरो ने पाला पोसा और वे उन जानवरों की तरह ही हरकत करते थे. ये वो बच्चे थे जो बचपन में ही जंगल में खो गए थे या फिर उन्हें जंगली जानवर उठा कर ले गए थे, और उन्हें जंगली जानवरों ने मारकर खाने के बजाय पाला पोसा.

क्या कोई समय चुरा सकता है? आइये देखते हैं, कैसे करते हैं लोग समय की चोरी

आपने लोगों को टाइम पास करते सुना होगा, समय काटते, समय बर्बाद करते सुना होगा लेकिन क्या आपने कभी सुना है की लोग समय की चोरी भी करते हैं. हाँ जी आपने सही सुना, बहुत सारे लोग करते हैं समय की चोरी. हो सकता है आप में से भी कुछ लोग समय चुराते हों.

10 मिनट में हेलीकॉप्टर से दिल्ली दर्शन, वो भी केवल 2500 रुपये में

अभी तक केवल वीआईपी लोग ही हेलीकाप्टर में बैठ और घूम पाते थे, लेकिन अब आप भी हेलीकाप्टर से दिल्ली की सैर कर सकते हैं और वो भी मात्र 2500 रुपये में.

उत्तर प्रदेश में महिलाओं के पैर छूकर सपा प्रत्याशी के लिए वोट मांग रही है रूसी महिला

एलिसा भी घर-घर जाकर महिलाओं के पैर छूकर वोट मांग रही हैं. एक विदेशी महिला को देखकर महिलाओं का हुज़ूम उन्हें देखने उमड़ पड़ता है. लोगों को तब और भी अचम्भा होता है जब एलिसा फर्राटेदार हिंदी बोलती हैं.

हमारे देश में हुनर की कमी नहीं है, बस सरकारें सहयोग नहीं करती हैं

हुनर की बात करें तो क्या हमारे देश में हुनर की कमी है? हम ओलम्पिक जैसी प्रतियोगिताओं में क्यों पदक के लिए पलकें बिछाये रहते हैं?

भारत का एक ऐसा गाँव जहां लड़की के जन्म पर 111 पौधे लगाए जाते हैं

भारत एक ऐसा देश है जहां पर पुत्र प्राप्ति के लोग न जाने क्या क्या करते हैं और पुत्री को बोझ की तरह देखते हैं, वहीं राजस्थान के पिपलांत्री नामक गाँव में पुत्री जन्म को एक उत्सव की तरह मनाते हैं और उसे यादगार बनाने के लिए 111 फलदार वृक्षों का रोपण करते हैं.