Sunday, September 24, 2017
Life - Sorrow and Joy

सुख और दुःख – बस यही तो है जिंदगी

इस कृषि प्रधान भारत देश को स्वतंत्र हुए साठ साल से भी ज्यादा हो गए हैं लेकिन किसानों की दशा वहीं की वहीं है. किसान तब भी कर्ज में डूबा था और अब भी कर्ज में डूबा है, पहले साहूकारों का, और अब खाद बीज वालों और आढ़तियों का.
Shri Krishna vs Karn: Summary of Life

श्री कृष्ण और कर्ण संवाद – जीवन का सार

कर्ण को हमेशा ही दुर्योधन के समर्थक के रूप में देखा गया, लेकिन अगर इसे मित्रता के रूप में देखें तो हमेशा ही कर्ण सबसे आगे दिखाई देता है. कर्ण को जब सबने दुत्कार दिया, चाहे वो कर्ण की माँ कुंती हो या गुरु द्रोणाचार्य हों, तब दुर्योधन ने मित्रता निभाई.
Just Politics on Kairana

कैराना कांड पर कुछ लाइने

चलो चले कुछ राजनीति कर आएं, 2017 आ गया है, चलो अपनी सरकार बनाये, न हिन्दू लड़ें, न मुस्लिम लड़ें, चलो इन हिन्दू मुस्लिमों को लड़ायें,
Developed India

विकसित भारत की एक तस्वीर – फटे कपडे, हाथ में पट्टी और जमीन...

रांची, मरीज पालमती देवी, हाथों में पट्टी बंधी हुई, बिना प्लेट के फर्श पर खाना खाती हुई, क्या दोष है? गरीबी या नीची जाति या फिर संवेदनहीनता? लेकिन क्या यही विकास है?
Heart Touching Video by Varun Pruthi on Raksha Bandhan

वरुण प्रुथी का रक्षा बंधन पर दिल को छू लेने वाला विडियो

वरुण प्रुथी के द्वारा फिल्माया गया ये विडियो एक सत्य घटना पर आधारित है जो एक ऐसे ही भाई की कहानी दिखता है। जिसने दूसरे की बहन को बचाने के लिए अपनी जान दे दी।
Dirty Indian Politics

विकास किसका, देश या सांप्रदायिकता का? गन्दी राजनीति के उदाहरण

देश के 1947 में विभाजन पर भड़के दंगों ने कई लाख लोगों के घरों का उजाड़ दिया। लोगों ने इसे अपनी नीयती मानकर मन को समझा लिया क्योंकि देश भारत-पाकिस्तान के रूप में बंट गया था। फिर से आपसी भाइचारे की नींव डलने लगी थी, देश विकास की ओर अग्रसर होने को तैयार था, लेकिन कहते हैं न कि जख्म कभी न कभी तो हरे हो ही जाते हैं, बस उनको कुरेदने वाले शख्स चाहिए।
Hindi Poem Shaheedon ke Liye

हिंदी कविता – जलते दिए – शहीदों के लिए

हम शहीदों की राहों के जलते दिए, हमको आंधी भला क्या बुझा पाएगी.
Who Says Casteism is Ended in India?

भारत में जातिवाद: कौन कहता है जातिवाद ख़त्म हो गया है?

अभी कुछ दिनों की बात है, महाराष्ट्र के वाशिम जिले के कलाम्बेश्वर गाँव में रहने वाले बापूराव ताजडे की पत्नी को पड़ोसियों ने सिर्फ इसलिए कुएं से पानी नहीं भरने दिया क्यूंकि वो नीची जाति से थी.
Olympic Medals India

पदक के ख्वाब मत देखो, हमें पदक नहीं चाहिए – हमें रोजी-रोटी में उलझाये...

सड़क के किनारे खेल दिखाने वाले, ट्रेन में जिम्नास्ट की कलाकारी करते छोटे छोटे बच्चे, सोचने पर मजबूर कर देते हैं, क्या 130 करोड़ के भारत में प्रतिभाओं की कमी है...
Pawan Hans Started 10 Minute Delhi Darshan Service for Rs. 2500

10 मिनट में हेलीकॉप्टर से दिल्ली दर्शन, वो भी केवल 2500 रुपये में

अभी तक केवल वीआईपी लोग ही हेलीकाप्टर में बैठ और घूम पाते थे, लेकिन अब आप भी हेलीकाप्टर से दिल्ली की सैर कर सकते हैं और वो भी मात्र 2500 रुपये में.