खबरें और राजनीति

विकास किसका, देश या सांप्रदायिकता का? गन्दी राजनीति के उदाहरण

देश के 1947 में विभाजन पर भड़के दंगों ने कई लाख लोगों के घरों का उजाड़ दिया। लोगों ने इसे अपनी नीयती मानकर मन को समझा लिया क्योंकि देश भारत-पाकिस्तान के रूप में बंट गया था। फिर से आपसी भाइचारे की नींव डलने लगी थी, देश विकास की ओर अग्रसर होने को तैयार था, लेकिन कहते हैं न कि जख्म कभी न कभी तो हरे हो ही जाते हैं, बस उनको कुरेदने वाले शख्स चाहिए।

विकसित भारत की एक तस्वीर – फटे कपडे, हाथ में पट्टी और जमीन पर खाना – पालमती देवी

रांची, मरीज पालमती देवी, हाथों में पट्टी बंधी हुई, बिना प्लेट के फर्श पर खाना खाती हुई, क्या दोष है? गरीबी या नीची जाति या फिर संवेदनहीनता? लेकिन क्या यही विकास है?

लॉकहीड SR-71 ब्लैकबर्ड – अमेरिकन एयर फ़ोर्स का यह जहाज आपके दिमाग की बत्ती गुल कर देगा

जो जहाज हम आज सपने में देखते हैं, अमेरिकन एयर फ़ोर्स उस जहाज को आज से 17-18 साल पहले रिटायर कर चुका है. इस तरह के सिर्फ 32 जहाज थे जिनमे 12 एक्सीडेंट में नष्ट हुए थे नोट करने वाली बात ये है की इनमे से एक भी जहाज दुश्मन नष्ट नहीं कर पाया.

हद है मूर्खता की! गए थे एटीएम चुराने, उठा लाये पासबुक प्रिंटिंग मशीन

आप क्या समझते हैं की बिना दिमाग लगाए भी आप चोरी करके पैसा कमा सकते हैं, भाई चोरी और धोखाधड़ी में भी दिमाग लगाना पड़ता है. अब इन्हीं लोगों को देख लो:

बेशकीमती बकरा, इसकी गर्दन पर लिखा है अल्लाह

शायद आपको इस खबर को पढ़ के यकीन नहीं होगा पर यह कोई वहम या अफवाह नहीं है. इस बकरे के गर्दन के पास आप देखेगे तो उर्दू के शब्दो में मुहम्मद लिखा दिखाई पड़ेगा.

इस लडके के करतब देखोगे तो दंग रह जाओगे

इस समय यूट्यूब पर इस वीडियो ने धूम मचा रखी है. जो भी इसे देखता है वो अपने दातो तले ऊँगली दबा लेता है. यकीन मानिये जब आप इसे देखेगे तो आप के भी रौंगटे खड़े हो जायेगे.

ये 20 अजूबे जानवर आपने कभी पहले नहीं देखे होंगे

इस लेख को पढ़ने के बाद आपको लगेगा की इस दुनिया में बहुत कुछ ऐसा है जो आपने अभी तक देखा नहीं है. ये जानवर आपको चिड़ियाघर में देखने को नहीं मिलेंगे.

राधा कृष्ण की धरती के बारे में कुछ अनजानी बातें – गोवर्धन परिक्रमा

गोवर्धन पर्वत का हिन्दू धर्म में बहुत ही अधिक महत्त्व है. इसकी परिक्रमा करने से सभी मुरादें पूरी हो जाती हैं. 21 किलोमीटर की गोवर्धन परिक्रमा को लोग नंगे पाँव पूरा करते हैं तो कुछ लोग लोट – लोट कर इसकी परिक्रमा लगाते हैं. यहां परिक्रमा लगाने का कोई नियत समय नहीं है. लोग साल के 365 दिन यहां परिक्रमा लगाते हैं लेकिन हर महीने की पूर्णमासी को यहाँ बेशुमार भीड़ होती है.

पदक के ख्वाब मत देखो, हमें पदक नहीं चाहिए – हमें रोजी-रोटी में उलझाये रखो

सड़क के किनारे खेल दिखाने वाले, ट्रेन में जिम्नास्ट की कलाकारी करते छोटे छोटे बच्चे, सोचने पर मजबूर कर देते हैं, क्या 130 करोड़ के भारत में प्रतिभाओं की कमी है…

दुनिया की सबसे खूबसूरत इमारत, इसे नहीं देखा तो कुछ नहीं देखा: नासिर अल मुल्क मस्जिद

‘नासिर अल-मुल्क’ मस्जिद, जो बाहर से एक साधारण मस्जिद की तरह ही दिखाई देती है, लेकिन जब उगते सूरज की किरणें इस मस्जिद पर पड़ती हैं तो इसकी खूबसूरती में चार चाँद लग जाते हैं . इसकी खूबसूरती को देखने के लिए दुनिया भर के पर्यटक खिंचे चले आते हैं.